कौन बनेगा नन्हा कलाम
प्रस्तावना
महान वैज्ञानिक एवं पूर्व राष्ट्रपति डाॅ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम जी भारत देश के महान रत्नों में से एक हैं, हम सभी उनको अपने आदर्श/रोल माॅडल के रूप में देखते हैं। उनका बच्चों/विद्यार्थीयों के प्रति सदैव झुकाव रहा है।

मिसाइल मैन के नाम से प्रसिद्ध डाॅ0 कलाम की वैज्ञानिक सोच का कथन था ’’देश सदा देश के नागरिकों की निजी सफलता से ऊॅचा होता है’’, इस कथन मे देश के प्रत्येक बच्चे/नागरिक के अन्दर छिपी हुई अनन्त सम्भावनाओं को विकसित करने की एक अन्तर्दृष्टि उत्पन्न करने की भावना निहित है। जनपद गोरखपुर में कुल 20 विकास खण्ड क्रमशः कैम्पियरगंज, खजनी, जंगलकौड़िया, बेलघाट, सरदारनगर, ब्रहमपुर, चरगाॅवा, भटहट, खोराबार, पिपराइच, सहजनवां, पाली, पिपरौली, बाॅसगाॅव, कौड़ीराम, गगहा, गोला, बड़हलगंज, उरूवाॅ, भरोहियाॅ एवं 7 तहसीले क्रमशः कैम्पियरगंज, खजनी बाॅसगाॅव, चैरीचैरा, गोला, गोरखपुर सदर और सहजनवां हैं। जनपद में कुल प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय लगभग 1050 है तथा हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट स्कूल 390 मान्यताप्राप्त विद्यालय है। जनपद में प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालय में कुल विद्यार्थियों की संख्या लगभग 4.72 लाख है तथा इण्टरमीडिएट विद्यालयों में जो सरकारी मान्यताप्राप्त हैं उनके कुल विद्यार्थियों की संख्या लगभग 2.73 लाख है।

क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र, गोरखपुर द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उ0प्र0 के उत्प्रेरण एवं समर्थन से जनपद गोरखपुर में ’’कौन बनेगा नन्हा कलाम’’ को एक अभियान प्रेरित कार्यक्रम के रूप में आयोजित करने का प्रस्ताव है। इस कार्यक्रम में निहित उद्देश्य प्रतिस्पर्धा और आविष्कारक मनोंभावों को विद्यार्थियों के मस्तिष्क में समाहित करना है जिससे स्वास्थ्य रक्षा, चिकित्सा, ऊर्जा-संरक्षण,कृषि- संवर्धन,पर्यावरण-रक्षा,स्वच्छता-मिशन, कौशल-विकास,ई-प्रशासन के क्षेत्र में जनपद गोरखपुर के भविष्य को व्यापक रूप से संवारा जा सके।

कार्यक्रम के उद्देश्य
1. विद्यार्थियों में जिज्ञासा उत्पन्न हो सके।

2. विद्यार्थियों में आत्मविशवास का विकास हो सके।

3. विद्यार्थियों में पहल करने की क्षमता विकसित हो सके।

4. विद्यार्थियों में कब, क्यों और कैसे समझने की प्रवृति विकसित हो सके।

5. विद्यार्थियों में प्रश्न पूछने का साहस पैदा हो सके।

6. विद्यार्थियों में सृजनात्मकता का विकास हो सके।

7. विद्यार्थी जीवन में समस्याओं को वैज्ञानिक ढ़ंग से समझ सके तथा उनका वैज्ञानिक निदान कर सकें।
8. विद्यार्थी समाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में सहायक बन सकें।
9. विद्याथियों में सौन्दर्य, कला, सच्चाई एवं स्वच्छता के प्रति आकर्षण उत्पन्न हो सके।
10. विद्यार्थी देश के अच्छे नागरिक बन सकें।
लक्ष्य समूह
कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद गोरखपुर के पूर्व माध्यमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यालयों (मदरसा, आश्रम पद्धति, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पब्लिक प्राईवेट स्कूल, राजकीय स्कूल/इण्टर स्कूल, परिषदीय विद्यालय इत्यादि) के जूनियर संवर्ग के विद्यार्थी (कक्षा 6-8) तथा सीनियर संवर्ग के विद्यार्थी (कक्षा 9-10) होंगे।

कार्य योजना
1. इस कार्यक्रम का नाम ’’कौन बनेगा नन्हा कलाम’’ प्रस्तावित है।

2. जनपद स्तर पर कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार हेतु वेबसाइट ूूूण्दंदींांसंउहवतंाीचनतण्बवउ का निर्माण किया जायेगा।

3. जनपद के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्य/प्रधानाचार्या, विज्ञान के समस्त शिक्षकों, खण्ड शिक्षा अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं सम्बन्धित विभागों यथा- कृषि, चिकित्सा, पर्यावरण, अक्षय ऊर्जा, सूचना, जिला उद्योग केन्द्र आदि को सम्मिलित किया जायेगा तथा इसके व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु जिला सूचना अधिकारी को दायित्व सौंपा जायेगा।

4. कौन बनेगा नन्हा कलाम-गोरखपुर के नाम से फेसबुक पेज एवं व्हाॅटसएप ग्रुप बनाया जायेगा जिस पर विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शित नवप्रवर्तनों का प्रचार-प्रसार किया जायेगा, जिससे उनके नवप्रवर्तनों से समाज को भी लाभान्वित किया जा सके। फेसबुक पेज को परिषद के फेसबुक पेज से लिंक किया जायेगा जिससे जनपद की गतिविधियां परिषद के फेसबुक पेज पर भी प्रदर्शित होंगीं।

5. जनपद के जिला सूचना अधिकारी इलेक्ट्रिानिक एवं प्रिन्ट मीडिया से व्यापक प्रसार प्रसार करेंगें, जिससे नवप्रवर्तकों के उत्साहवर्द्धन के साथ-साथ जनपद गोरखपुर का नाम भी गौरान्वित होगा। क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र, गोरखपुर द्वारा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से सम्बन्धित विषयों पर बैनर, पम्पलेट, ब्रोशर का प्रकाशन किया जायेगा।

6. जनपद के समस्त विज्ञान अध्यापकों को कार्यशाला के माध्यम से योजना की जानकारी दी जायेगी।

7. जनपद के समस्त विकास खण्डों/तहसीलों के प्रत्येक विद्यालय के विद्यार्थियों से सीधा सम्पर्क किया जाये।

8. वेबसाइट के अतिरिक्त प्रचार-प्रसार के अन्य माध्यमों (जैसे विद्यालयों से प्रत्यक्ष सम्पर्क, तहसील, ब्लाॅक एवं जनपद स्तर पर कार्यशालाओं का आयोजन) से विद्यार्थियों के मध्य प्रतियोगिता में अधिकाधिक प्रतिभाग करने हेतु प्रेरित किया जायेगा।

9. विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत माॅडल व प्रोजेक्ट नवाचार युक्त एवं व्यवहारिक होगें तथा यह अधोलिखित विषयों पर आधारित होगें -

a. दैनिक जीवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (इसके अन्तर्गत यातायात, चिकित्सा, कृषि, संचार, मंनोरंजन, शिक्षा, कम्प्यूटर आदि क्षेत्र के माॅडल एवं प्रोजेक्ट)

b. पर्यावरण एवं प्रदूषण-प्राकृतिक संतुलन, प्रदूषण (जल, वायु, ध्वनि आदि) रोकने के अभिनव प्रयोग/उपाय।

c. ग्लोबल वार्मिंग, इसके अतिरिक्त विद्यार्थी स्थानीय उद्योग, कृषि व्यापार, उत्पादन कला-कौशल, स्थानीय समस्या निदान हेतु नवाचार युक्त कोई माॅडल प्रोजेक्ट अथवा प्रयोग प्रस्तुत कर सकते हैं।

प्रतियोगिताओं/परीक्षाओं की चरणबद्ध योजना
इस कार्यक्रम को चार चरणों में निम्नवत् सम्पादित किया जायेगाः-
1. प्रथम चरण (विद्यालय स्तर पर)ः प्रतियोगिता के प्रथम चरण में वेबसाइट के माध्यम से विद्यालयों की सहायता से विद्यार्थियों द्वारा प्रतियोगिता हेतु आॅनलाइन/मैन्यूल आवेदन सितम्बर 2019 में किया जायेगा।

2. द्वितीय चरण (तहसील स्तर पर)ः प्रतियोगिता हेतु दोनों वर्गो में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की विज्ञान संदर्भित लिखित एवं बहुविकल्पीय प्रश्नों की एक प्रतियोगिता का आयोजन विभिन्न चयनित केन्द्रों पर माह अक्टूबर में किया जायेगा, जिसमें जूनियर वर्ग के 500 एवं सीनियर वर्ग के 500 विद्यार्थियों का चयन तृतीय चरण में होने वाली जनपद स्तरीय परीक्षा हेतु किया जायेगा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

3. तृतीय चरण (जनपद स्तर पर)ः द्वितीय चरण में चयनित विद्यार्थियों हेतु विज्ञान आधारित विषय पर निबन्ध/प्रश्नोत्तरी/भाषण प्रतियोगिता तथा माॅडल प्रदर्शनी कार्यक्रम नवम्बर 2019 में आयोजित किया जायेगा, जिसमें श्रेष्ठतम् अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक वर्ग के 50-50 विद्यार्थियों को चतुर्थ चरण की प्रतियोगिता में प्रतिभाग हेतु चयनित किया जायेगा तथा पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

चतुर्थ चरण (जनपद स्तर पर)ः तृतीय चरण में चयनित विद्यार्थियों की निम्न पाठ्यक्रम पर आधारित परीक्षा होगीः-

a. विज्ञान/नवप्रवर्तन माॅडल निर्माण की प्रक्रिया

b. रीजनिंग टेस्ट

c. प्रोजेक्टर टेस्ट

d. लिखित परीक्षा

उपरोक्त परीक्षा निम्नलिखित विषयों पर आधारित होना प्रस्तावित हैः-

a.विज्ञान आधारित प्रश्न

b.समसामयिक वैश्विक समस्याओं पर निबन्ध

c.आकस्मिक समस्यायें और विज्ञान

d.नवाचारात्मक प्रोजेक्ट

e.नवाचारात्मक वैज्ञानिक संभाषण

पुरस्कार
परीक्षा में प्रथम पुरस्कार 05 (03 जूनियर वर्ग से एवं 02 सीनियर वर्ग से) प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस-2020 के अवसर पर 28 फरवरी 2020 को ’’नन्हा कलाम’’ की उपाधि एवं पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। इस प्रकार जनपद गोरखपुर से कुल 05 ’’नन्हा कलाम’’ का चयन किया जायेगा। प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार हेतु 05 (03 जूनियर वर्ग से एवं 02 सीनियर वर्ग से) एवं तृतीय पुरस्कार हेतु 05 (03 जूनियर वर्ग से एवं 02 सीनियर वर्ग से) विद्यार्थियों तथा जनपद स्तर पर 85 विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार हेतु चयन कर पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जायेगा।

राष्ट्रपति पद के वर्षों के बाद भी उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, हैदराबाद में सूचना प्रौद्योगिकी सिखाते हुए देखा गया और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और अन्ना विश्वविद्यालय में प्रौद्योगिकी। उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान तिरुवनंतपुरम के चांसलर के रूप में भी कार्य किया।

2012 में, उन्होंने युवाओं में एक “देने” (“giving” attitude) के दृष्टिकोण को विकसित करने और छोटे लेकिन सकारात्मक कदम उठाकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की दिशा में योगदान करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए ‘व्हाट कैन आई मूवमेंट’ नामक एक कार्यक्रम शुरू किया।

(महादेव पाण्डेय)
वैज्ञानिक अधिकारी
क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केन्द्र,
गोरखपुर