कौन बनेगा नन्हा कलाम मार्ग निर्देशिका
कौन बनेगा नन्हा कलाम मार्ग निर्देशिका
"देश सदा देश के नागरिकों की निजी सफलता से ऊॅचा होता है", महान वैज्ञानिक अब्दुल कलाम की इस वैज्ञानिक सोच का सीधा अर्थ ये भी था की वे चाहते थे की देश के हर बच्चे के अंदर छिपी हुई अनन्त सम्भावनाओ को विकसित करने की एक अनंतदृस्टी उत्पन्न की जा सके। इस प्रकार विज्ञानं एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में “कौन बनेगा नन्हा कलाम” एक अभियान प्रेरित कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया जा रहा है।

इसमें निहित उदेश्य अपर्तिस्पर्धा और अविष्कारक मनोभावों को विद्यार्थियों के मस्तिक में समाहित करना है , जिससे स्वास्थ्य रक्षा , चिकित्सा , ऊर्जा संरक्षण , कृषि - संवर्धन, पर्यावरण - उन्मूलन , स्वछता मिशन , कौशल विकास , ई-प्रशासन के क्षेत्रों में प्रदेश के जनपदों के भविष्य को व्यापक रूप से सँवारा जा सके।

कार्यक्रम के उद्देश्य :-
1. बच्चो में जिज्ञासा उत्पन्न हो सके।

2. बच्चो में आत्मविशवास का विकास हो सके।

3. बच्चो में पहल करने की क्षमता विकसित हो सके।

4. बच्चो में प्रश्न पूछने का साहस पैदा हो सके।

5. बच्चो में सृजनात्मकता का विकास हो सके।

6. बच्चो जीवन में समस्याओं को वैज्ञानिक ढ़ंग से समझ सके तथा उनका वैज्ञानिक निदान कर सकें।

7. बच्चे समाजिक कुरीतियों को समाप्त करने में सहायक बन सकें।

8. बच्चो में सौन्दर्य, कला, सच्चाई एवं स्वच्छता के प्रति आकर्षण उत्पन्न हो सके।

9. बच्चे देश के अच्छे नागरिक बन सकें।

लक्ष्य समूह
कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद गोरखपुर के पूर्व माध्यमिक एवं माध्यमिक स्तर के विद्यालयों(मदरसा, आश्रम पद्धति, नवोदय विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पब्लिक प्राईवेट स्कूल, राजकीय स्कूल/इण्टर स्कूल, परिषदीय विद्यालय इत्यादि) के जूनियर संवर्ग के विद्यार्थी (कक्षा 6-8) तथा सीनियर संवर्ग के विद्यार्थी (कक्षा 9-10) होंगे।

कार्य के मुख्य बिंदु निम्नानुसार प्रस्तावित है :-
1. कार्यक्रम का नाम " कौन बनेगा नन्हा कलाम "है।

2. कौन बनेगा नन्हा कलाम 2019 के सभी चरणो की परीक्षा व कार्यसलाओ की देख रेख व तकनिकी मार्गदर्सन किसी शोध संसथान अथवा शैक्षणिक संसथान की कम से कम ०४ सदस्य टीम के सहयोग से आयोजित की जा रही है।

3. बच्चो द्वारा प्रस्तुत मॉडल व प्रोजेक्ट नवाचार युक्त एवं व्यवहारिक होंगे तथा यह अधोलोखित विषयो पर आधारित होंगे :
   क ) दैनिक जीवन में विज्ञानं एवं प्रौघोगिकी (इसके अंतर्गत यातायात, चिकित्सा, कृषि, संचार, मनोरंजन , शिक्षा, कंप्यूटर आदि क्षेत्र के मॉडल एवं प्रोजेक्ट हो सकते है। )
   ख) अक्षय ऊर्जा के वैकल्पिक श्रोत विकास एवं उपयोग , मानव जीवन के लिए ऊर्जा का महत्व एवं उनका विवेकपूर्ण उपयोग सूर्य ऊर्जा एवं बायोगैस का अधिक प्रयोग एवं ऊर्जा दक्षता।
   ग ) पर्यावरण एवं प्रदूषण - प्राकृतिक संतुलन , प्रदूषण (जल, वायु, ध्वनि आदि ) रोकने के अभिनव प्रयोग/उपाय।
   घ ) ग्लोबल वार्मिंग - इसके अतिरिक्त बच्चे स्थानीय उद्योग , कृषि व्यापर , उत्पादन कला - कौशल , स्थानीय समस्या निदान हेतु नवाचार उक्त कोई मॉडल प्रोजेक्ट अथवा प्रयोग प्रस्तुत क्र सकते है।

4. इस कार्यक्रम को चार चरणों में निम्नवत् सम्पादित किया जायेगा :-

प्रथम चरण (विद्यालय स्तर पर) :-
प्रतियोगिता के प्रथम चरण में वेबसाइट के माध्यम से विद्यालयों की सहायता से विद्यार्थियों द्वारा प्रतियोगिता हेतुऑनलाइन आवेदन माह अक्टूबर में किया जाएगा। इसके अंतर्गत छात्रों को पंजीकरण, जूनियर वर्ग के लिए कक्षा 6 से 8 तक एवं सेनियर वर्ग के लिए कक्षा 9 व 10 में अलग - अलग किया जायेगा।

द्वितीय चरण (तहसील/ब्लॉक स्तर पर) :-
प्रतियोगिता हेतु दोनों वर्गो में आवेदन करने वाले विद्यार्थियों की विज्ञान संदर्भित लिखित एवं बहुविकल्पीय प्रश्नों की एक प्रतियोगिता का आयोजन विभिन्न चयनित केन्द्रों पर माह अक्टूबर में किया जायेगा, जिसमें जूनियर वर्ग के 500 एवं सीनियर वर्ग के 500 विद्यार्थियों का चयन तृतीय चरण में होने वाली जनपद स्तरीय परीक्षा हेतु किया जायेगा तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाना होगा।

तृतीय चरण (जनपद स्तर पर) :-
तृतीय चरण में चयनित जूनियर वर्ग के 500 एवं सीनियर वर्ग के 500 विद्यार्थियों हेतु विज्ञान आधारित विषय पर निबन्ध/प्रश्नोत्तरी/भाषण प्रतियोगिता तथा माॅडल प्रदर्शनी कार्यक्रम नवम्बर 2019 में आयोजित किया जायेगा, जिसमें श्रेष्ठतम् अंक प्राप्त करने वाले प्रत्येक वर्ग के 50-50 विद्यार्थियों को चतुर्थ चरण की प्रतियोगिता में प्रतिभाग हेतु चयनित किया जायेगा तथा पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाना होगा।

चतुर्थ चरण (जनपद स्तर पर) :-
तृतीय चरण में चयनित जूनियर वर्ग के 50 तथा सीनियर वर्ग के 50 विद्यार्थियों की निम्न पाठ्यक्रम पर आधारित परीक्षा होगीः-
1. विज्ञान/नवप्रवर्तन माडल निर्माण की प्रक्रिया
2. रीजनिंग टेस्ट
3. प्रोजेक्टर टेस्ट
4. लिखित परीक्षा

उपरोक्त परीक्षा निम्नलिखित विषयों पर आधारित होना प्रस्तावित हैः-
1. विज्ञान आधारित प्रश्न
2. समसामयिक वैश्विक समस्याओं पर निबन्ध
3. आकस्मिक समस्यायें और विज्ञान
4. नवाचारात्मक प्रोजेक्ट
5. नवाचारात्मक वैज्ञानिक संभाषण

परीक्षा में प्रथम पुरस्कार 05 (03 जूनियर वर्ग से एवं 02 सीनियर वर्ग से) प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को माह जनवरी में "नन्हा कलाम" की उपाधि एवं पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। इस प्रकार जनपद गोरखपुर से कुल 05 "नन्हा कलाम" का चयन किया जायेगा। प्रतियोगिता में द्वितीय पुरस्कार हेतु 05 (03 जूनियर वर्ग से एवं 02 सीनियर वर्ग से) एवं तृतीय पुरस्कार हेतु 05 (03 जूनियर वर्ग से एवं 02 सीनियर वर्ग से) विद्यार्थियों तथा जनपद स्तर पर 185 विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार हेतु चयन कर पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाना होगा।